
हरदा शहर की अधिकांश कालोनियां शाशन के नक्शे कदम तो बन जाती हैं पर बाद में कालोनी के संदिग्ध रहवासी नक्शे के विपरीत भौतिक संशोधन मनमर्जी से करके नियम विरुद्ध काम करते है जिस से कालोनी के आसपास के आबादी को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है मामला है शहर की शिवम वाटिका जहा कालोनी नाइजर ने कालोनी विकसित की फिर नगर पालिका को हस्तांतरित भी की पर वहा रहने वाले वाशिंदों ने टी एंड सीपी ने पास नक्शे में बने कालोनी के दरवाजों को बंद करने दीवार खड़ी कर दी ताकि लोग आना जाना न कर सके इस बात से रूठे आसपास के लोगो ने जन सुनवाई का दरवाजा खटखटाया ताकि नगर पालिक के अधीन कालोनी में से आने जाने का रास्ता मिल सके शिवम वाटिका के कॉलोनाइजर ने पूर्वी गेट बंद कर दिया है जिससे नागरिकों को काफी दिक्कत आ रही है। बताया जा रहा है कि टीएनसीपी और रेरा के नक्शे में भी गेट दर्शाया गया है, लेकिन कॉलोनाइजर ने बाद में इस दीवार उठाकर बंद कर दिया है। आपको बता दें कि पीछे सास की रास्ता है जो की कलेक्ट्रेट कार्यालय से पीलिया खाल होते हुए नर्मदापुरम हाईवे मार्ग से मिलता है जिसे आप बाईपास का नाम दिया गया है। कॉलोनाइजर द्वारा पीछे का गेट बंद करने से किसानों को आम नागरिकों को और वार्ड वासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका परिषद द्वारा शिवम वाटिका कॉलोनी को अपने अधिपत्य में ले लिया गया है।
