हरदा – हजारों साल ऋषि अगस्ता मुनी के प्राचीन पांडुलिपियों से एक अंगूठे से आपके जीवन पर प्रकाश डालने 18 जुलाई से 1 अगस्त तक शास्त्र वाचक हरदा में !

हरदा – हजारों साल ऋषि अगस्ता मुनी के प्राचीन पांडुलिपियों से एक अंगूठे से आपके जीवन पर प्रकाश डालने 18 जुलाई से 1 अगस्त तक शास्त्र वाचक हरदा में !

HARDA LIVE

( ऋषि अगस्ता मुनी द्वारा पांडुलिपि में उल्लेखित मानव के जीवन के रहस्य व वैज्ञानिक समाधान नाड़ी शास्त्र ! चर्चा है कि शहर के कई डॉक्टर उद्योगपति व नेता तक अपना अंगूठा अजमा चुके है और सालों से जुडे है और शास्त्र विधि से संतुष्ठ नजर आते है ! )


( आप इस नंबर पर संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है 9500263003 व 9324444575 ! )


हरदा शहर में दक्षिण भारत के ज्योतिशाचार्य कुछ दिनों के लिए हरदा प्रवास पर आ रहे है जिसमे नाड़ी शास्त्र पर यकीन करने वालो के लिए अपने अंगूठे से भूतों वर्तमान व भविष्य की अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी रोचक जानकारी आप हजारों साल पूर्व प्राचीन पांडुलिपि नाड़ी पत्र में उल्लेखित है जो एक शास्त्र विज्ञान की भांति आपके जन्म व जीवन से जुड़ीं पहेलियों को सुलझाने की विधि प्रदान करता हैं जिसमे हरदा में 18 जुलाई से 1 अगस्त तक श्री भोकर अगस्त्य महाशिव नाड़ी ज्योतिशाचार्य केन्द्र के मुख्य नाड़ी वाचक गुरूजी जय सुरेश कुमार तमिलनाडु की विधा को त्रिपाठी मेडिकल स्टोर्स, इन्दौर रोड़ हरदा में केंद्र स्थापित किया है जहाँ आप संपर्क कर सकते है 9500263003 व 9324444575 !

🔹 नाड़ी शास्त्र पर प्रकाश…!

​नाड़ी ग्रंथों के आधार पर फलादेश करने वाले आपके अंगूठे के निशान के आधार पर भोज-पत्र खोजकर आपके नाम, माता-पिता का नाम, माता-पिता जीवित हैं या नहीं, भाई-बहन की संख्या, विवाह और संतान, नौकरी या व्यसाय आदि के विषय में सामान्य फल कहते हैं। इस सामान्य फल के ठीक निकलने के बाद विस्तृत भविष्यवाणियां की जाती हैं। नाड़ी ज्योतिष में मात्र अंगूठे के निशान के चिह्न से जातक का फलित निकालकर उसका जन्म समय भी शुद्ध किया जा सकता है। भारतीय ज्योतिष की अनेक शाखाएं हैं। उन शाखाओं में से नाड़ी ज्योतिष भी एक अत्यंत प्राचीन विद्या है। ऐसी मान्यता है कि इससे व्यक्ति के भूत, वर्तमान व भविष्यकाल की गणना व भविष्यकथन सटीकता से किया जा सकता है। जी हाँ नाड़ी ज्योतिष प्राचीन ज्योतिष का एक ऐसा अंग है, जिसके माध्यम से आप अपने जीवन की परेशानियों को चमत्कारिक रूप से हल कर सकते हैं। यह अद्भुत व उत्तम विज्ञान आपकी आत्मा की यात्रा पर प्रकाश डालने का काम करता है। इस शास्त्र के द्वारा आप अपने भूत, वर्तमान व भविष्यकाल को सरलता से जान पाएंगे। साथ ही इस विज्ञान की मदद से आप अपनी समस्याओं को आसानी से सुलझा सकते हैं। नाड़ी एस्ट्रोलॉजी, जिसे नाड़ी ज्योतिष भी कहा जाता है, प्रकाश विज्ञान के माध्यम से आपके जीवन के रहस्यों की ख़ोज करता है। इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक बात यह है कि नाड़ी अँगूठे की छाप व ध्वनि विज्ञान पर आधारित शास्त्र है। इस विधा के द्वारा जो दिव्य भविष्यकथन किया जाता है, उसका आधार प्राचीन व पवित्र ताड़पत्रों पर लिखे गए अभिलेख हैं,जिनके सामूहिक रूप को “नाड़ी” कहा जाता है। नाड़ी ज्योतिष भारत के महान ऋषियों के चिंतन से उत्पन्न हुई विद्या है। प्राचीन काल में ऋषियों ने यह ज्ञान मानव जाति के लिए प्रकट किया ! यदि आप इस पर विश्वास करते है तो ही आप अपना नसीब आजमा सकते है !